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Showing posts from June, 2025

हनुमान जी का राम भजन – Shree Ram Ram Ram | भजन, बोल, महत्व और संपूर्ण विवरण 🙏 जय श्रीराम! Hanuman Bhajan Ram Bhajan Hanuman Ji Ka Bhajan Shree Ram Ram Ram Bhajan Powerful Bhakti Song Ram Naam Bhajan जय श्रीराम भजन

🌸 हनुमान जी का राम भजन – Shree Ram Ram Ram | भजन, बोल, महत्व और संपूर्ण विवरण 🙏 जय श्रीराम! हनुमान जी का राम भजन click here 👇  https://youtu.be/bhbkSjRn5Rw भक्ति में डूबा हुआ यह भजन हमें प्रभु श्रीराम और उनके परम भक्त हनुमान जी की दिव्य लीलाओं का स्मरण कराता है। ऐसा लगता है जैसे स्वयं हनुमान जी श्रीराम का नाम गा रहे हों। यह भजन न सिर्फ हमारे मन को शांति देता है, बल्कि आत्मा को भी सुकून और साहस प्रदान करता है। 🌿 भजन का शीर्षक हनुमान जी का राम भजन 🎶 भजन के बोल > मुख्य पंक्ति (रिपीट करें): Shree Ram Ram Ram, Shree Ram Ram Ram जय श्रीराम राम राम, जय श्रीराम राम राम 1️⃣ मैं तो राम का सेवक हूँ, राम नाम ही प्राण मेरे। राम चरण में सुख पाया, राम ही तो भगवान मेरे। 2️⃣ सिया राम रघुकुल के राजा, सब जग के उजियारे। उनका नाम जपूँ मैं दिन-रैन, राम बिन कौन सहारे। 3️⃣ राम कथा का रस मैं पीऊँ, राम भजन में मन रमता। राम नाम जब जिह्वा बोले, सारा दुख-दरद मिटता। 4️⃣ राम नाम की महिमा न्यारी, राम नाम से मिलती वारी। राम नाम में शक्ति अपार, राम नाम से कटे विकार। 5️⃣ सुनो भाई मैं कहूँ पुकार, राम नाम में ...

🌸 मधुराष्टकम्: श्रीकृष्ण के स्वरूप की मधुरता का अद्वितीय स्तोत्र | भावार्थ सहित सम्पूर्ण पाठ

 🌸 मधुराष्टकम्: श्रीकृष्ण के स्वरूप की मधुरता का अद्वितीय स्तोत्र | भावार्थ सहित सम्पूर्ण पाठ https://youtu.be/vFV453oE6PU 📜 परिचय (Introduction): "मधुराष्टकम्" एक अद्वितीय संस्कृत भजन है, जिसकी रचना श्री वल्लभाचार्य जी ने की थी। यह भजन भगवान श्रीकृष्ण के प्रत्येक अंग, गुण और लीलाओं को "मधुर" बताकर, उनके माधुर्य का पूर्ण वर्णन करता है। श्रीकृष्ण केवल एक देवता नहीं, बल्कि मधुरता के स्वयं स्वरूप हैं। इस स्तोत्र के माध्यम से हम श्रीकृष्ण के दर्शन, गुण, चाल-ढाल, वाणी, हास्य, और लीला को भावपूर्वक अनुभव कर सकते हैं। 🎵 मधुराष्टकम् (पूर्ण पाठ): अधरं मधुरं वदनं मधुरं   नयनं मधुरं हसितं मधुरम् ।   हृदयं मधुरं गमनं मधुरं   मधुराधिपतेरखिलं मधुरम् ॥१॥ वचनं मधुरं चरितं मधुरं   वसनं मधुरं वलितं मधुरम् ।   चलितं मधुरं भ्रमितं मधुरं   मधुराधिपतेरखिलं मधुरम् ॥२॥ वेणुर् मधुरो रेणुर् मधुरः   पाणिर् मधुरः पादौ मधुरौ ।   नृत्यं मधुरं सख्यं मधुरं   मधुराधिपतेरखिलं मधुरम् ॥३॥ गीतं मधुरं पीतं मधुरं   भुक्...