Skip to main content

राधा के श्याम, मेरे मन के राम" | राधा के श्याम | मधुर भक्ति गीत | मेरे मन के राम | स्वर: राजेन्द्र कुमार | Radha Krishna Bhajan 2025

राधा के श्याम, मेरे मन के राम |राधा के श्याम | मधुर भक्ति गीत | मेरे मन के राम | स्वर:राजेन्द्र कुमार | राधा कृष्ण भजन 2025 

Video click here 👇
https://youtu.be/Rtb3hZnuvaA


राधा के श्याम | मेरे मन के राम 

एक आत्मा से आत्मा तक, राधा-कृष्ण भक्ति गीत

जय श्री राधे!


"राधा के श्याम, मेरे मन के राम" केवल एक भजन नहीं है, बल्कि हृदय की पुकार, आत्मा की व्यथा, और प्रेम की प्रकाश व्यवस्था है। यह गीत उस क्षण की भावना है जब एक भक्त का मन कृष्ण में विलीन हो जाता है, और उसका हर स्पन्दन "श्याम" कहलाता है।



भजन की आत्मा:


इस भजन में राधा रानी का अटूट बंधन, श्यामसुंदर का कोट प्रेम, और ब्रज की रज में बसी भक्ति का समावेश शामिल है। संगीतकार राजेंद्र कुमार के सरल शब्दों में राधा-कृष्ण की दिव्यता को इतनी सहजता से दर्शाया गया है कि यह भजन सीधे आत्मा तक पहुंचता है।



मुख्य पंक्तियाँ:


> "राधा के श्याम, मेरे मन के राम,

हर सांस में तेरा नाम..."


"बंसी की धुनों में छुपा है जो प्यार,

वो राधा की आँखों का श्रृंगार...



कला और संगीत का अनोखा संगम:


स्वर: राजेंद्र कुमार - एक ऐसी आवाज़ जो स्रोत के अंतरमन को शांत करती है


अन्य: राजेंद्र कुमार


संगीत: राधा गीत


कलाकार: राधा गीत यूट्यूब चैनल


वर्ष: 2025




यह भजन कौन सा है?


अगर आप मन की शांति और आध्यात्मिक संपदा चाहते हैं


अगर आप राधा-कृष्ण की लीलाओं को पारंपरिक रूप में अनुभव करना चाहते हैं


अगर आप प्रेम, त्याग और भक्ति के अद्भुत संगम को जानना चाहते हैं





गायक:


नाम: राजेंद्र कुमार

शैली: राधा-कृष्ण आधारित मधुर भक्ति गीत

प्रकृति: भावपूर्ण गायन, सरलता और गहराई

लोकप्रिय गीत: "जय राधा रानी", "श्याम तेरे नाम का दीवाना", "ओ बंसी वाले कृष्णा"

संगीत चैनल: राधा गीत



इस भजन को सभी साथियों और अपने परिवार और दोस्तों के साथ साझा करें।


"हर श्वास में कृष्ण, हर भाव में राधा - यही सच्ची भक्ति है।"

जय श्री राधे! जय श्री कृष्ण!



आधिकारिक टैग:


राधा के श्याम, मेरे मन के राम, राधा कृष्ण भजन, राजेंद्र कुमार भजन, भक्ति गीत 2025, राधा गीत चैनल, बरसाना भजन, वृन्दावन लीला, राधा रानी भजन, श्याम भजन, युगल जोड़ी गीत, कान्हा गीत, प्रेम भजन, हिंदी भक्ति गीत


Comments

Popular posts from this blog

श्री कृष्ण वासुदेवाय हरि मंत्र: एक दिव्य साधना का अद्भुत प्रभाव | श्री कृष्ण वासुदेवाय: भगवान कृष्ण, जो वासुदेव के पुत्र हैं।

 श्री कृष्ण वासुदेवाय हरि मंत्र: एक दिव्य साधना का अद्भुत प्रभाव | कम से कम 40 दिनों तक इसे नित्य करें.  परिचय: "श्री कृष्ण वासुदेवाय हरि परमात्मनः कलेश नाशाय गोविंदाय नमो नमः" यह मंत्र भगवान श्रीकृष्ण की कृपा पाने का दिव्य साधन है। यह न केवल भक्ति को प्रगाढ़ करता है, बल्कि जीवन के सभी प्रकार के कष्टों और समस्याओं को समाप्त करने में सहायक है। श्रीकृष्ण, जिन्हें गोविंद, वासुदेव, और हरि जैसे नामों से जाना जाता है, अपने भक्तों को सुख-शांति और धन-धान्य से परिपूर्ण करते हैं। इस ब्लॉग में हम जानेंगे इस मंत्र का महत्व, जाप की विधि, और इसके अद्भुत लाभ। ------------------------------------------------------------------------ मंत्र का अर्थ और महत्व: श्रीकृष्ण मंत्र का अर्थ अत्यंत गहरा और पवित्र है। इसे तोड़कर समझा जाए तो: 1. श्री कृष्ण वासुदेवाय: भगवान कृष्ण, जो वासुदेव के पुत्र हैं। 2. हरि परमात्मनः: भगवान हरि, जो परमात्मा हैं और समस्त जगत के पालनकर्ता हैं। 3. कलेश नाशाय: जो सभी कष्टों और दुखों का नाश करते हैं। 4. गोविंदाय नमो नमः: भगवान गोविंद, जो गोपियों और समस्त जीवों के रक्षक हैं,...

वीरवार का व्रत: सुख, समृद्धि और शांति पाने का मार्ग, वीरवार व्रत की विधि, वीरवार व्रत की कथा,व्रत के नियम और सावधानियाँ,

 Home. वीरवार का व्रत: सुख, समृद्धि और शांति पाने का मार्ग वीरवार, जिसे गुरुवार के रूप में भी जाना जाता है, भारतीय संस्कृति और धर्म में एक विशेष दिन माना गया है। इस दिन भगवान विष्णु और बृहस्पति देव की पूजा की जाती है। मान्यता है कि वीरवार का व्रत करने से सुख, समृद्धि, शांति, और ज्ञान की प्राप्ति होती है। आइए इस ब्लॉग पोस्ट में वीरवार के व्रत की महिमा, कथा, विधि, और इसके पीछे छुपे धार्मिक महत्व को विस्तार से समझें। 1. वीरवार व्रत की महिमा वीरवार का व्रत विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी माना गया है, जो अपने जीवन में आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं या जिनके घर में खुशहाली और शांति नहीं है। भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने के लिए इस दिन व्रत रखा जाता है। मान्यता है कि जो भक्त इस व्रत को श्रद्धा और भक्ति से करता है, उसके जीवन में धन-धान्य, सुख-शांति और उन्नति का वास होता है। 2. वीरवार व्रत की कथा वीरवार व्रत की कथा प्राचीन काल से प्रचलित है। कथा के अनुसार, एक समय की बात है, एक गरीब ब्राह्मण महिला बहुत परेशान रहती थी। एक दिन भगवान विष्णु ने उसकी मदद के लिए प्रकट होकर उसे वीरवा...