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Showing posts from November, 2024

शुक्रवार: समृद्धि, संतोष और साधना का पावन दिन | जाग्रत करें देवी लक्ष्मी की कृपा | घर में करें सुख-शांति का विशेष उपाय

 शुक्रवार: समृद्धि, संतोष और साधना का पावन दिन शुक्रवार का आध्यात्मिक संदेश शुक्रवार केवल एक दिन नहीं, बल्कि एक ऊर्जा है। यह दिन हमें सिखाता है कि जीवन में संतोष और समृद्धि तभी संभव है, जब हम आस्था और साधना का मार्ग अपनाते हैं। देवी लक्ष्मी और संतोषी माता की कृपा से यह दिन हमारे जीवन में शांति और वैभव का संचार करता है। कैसे बनाएं शुक्रवार को विशेष? 1. जाग्रत करें देवी लक्ष्मी की कृपा सुबह जल्दी उठकर घर की सफाई करें, विशेषकर पूजा स्थान की। देवी लक्ष्मी को गुलाब या कमल का फूल चढ़ाएं। मंत्र: "ॐ श्रीं श्रीयै नमः" इस मंत्र का 108 बार जाप करें। यह न केवल धन का आशीर्वाद देता है, बल्कि घर में सुख-शांति लाता है। 2. संतोषी माता का व्रत इस दिन गुड़ और चने का प्रसाद चढ़ाकर संतोषी माता का व्रत रखें। व्रत की कथा: संतोषी माता की कथा सुनने से जीवन में धैर्य और संतोष का विकास होता है। कथा का सार यह है कि सच्ची भक्ति और धैर्य से हर समस्या का समाधान मिलता है। 3. घर में करें सुख-शांति का विशेष उपाय घर के मुख्य द्वार पर हल्दी और चावल से स्वस्तिक बनाएं। एक दीपक में गाय का घी और कपूर डालकर जलाएं। इ...

श्री विष्णु भगवान की कथा: भक्ति और कृपा का अद्भुत उदाहरण | Story of Lord Vishnu: A wonderful example of devotion and grace

 श्री विष्णु भगवान की कथा: भक्ति और कृपा का अद्भुत उदाहरण श्री विष्णु भगवान, त्रिदेवों में से एक, सृष्टि के पालनहार माने जाते हैं। वे भक्तों की रक्षा करने और धर्म की स्थापना के लिए विभिन्न रूपों में अवतार लेते हैं। यह कथा एक साधारण भक्त और भगवान विष्णु की अपार कृपा की प्रेरणादायक कहानी है। कथा का आरंभ: प्राचीन समय की बात है, एक छोटे से गांव में ध्रुव नाम का एक निर्धन किसान रहता था। वह अत्यंत सरल, सत्यनिष्ठ और ईश्वर में अटूट विश्वास रखने वाला व्यक्ति था। उसके पास धन-संपत्ति नहीं थी, लेकिन उसका मन विष्णु भगवान की भक्ति से भरा हुआ था। वह प्रतिदिन तुलसी के पौधे के पास दीप जलाकर विष्णु भगवान की आराधना करता और "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" का जाप करता। ध्रुव की कठिनाई: एक वर्ष, गांव में भयंकर अकाल पड़ा। खेत सूख गए, पानी का स्रोत समाप्त हो गया, और लोगों के पास खाने के लिए अन्न तक नहीं बचा। ध्रुव के पास भी न तो खाने के लिए भोजन बचा और न ही अपने परिवार का पालन करने का कोई साधन। फिर भी, उसने ईश्वर पर से विश्वास नहीं खोया। उसने अपने परिवार से कहा, "भगवान विष्णु हमारी परीक्षा ले रहे हैं। ...

गणेश जी के प्रमुख मंदिर • सिद्धिविनायक मंदिर, मुंबई • गणपति फुलेश्वर मंदिर, पुणे • महागणपति मंदिर, तिरुवन्नामलई

  गणेश भगवान पर हिंदी ब्लॉग पोस्ट गणेश जी: प्रथम पूज्य और विघ्नहर्ता गणेश भगवान, जिन्हें विघ्नहर्ता, गजानन, और प्रथम पूज्य के रूप में जाना जाता है, हिंदू धर्म में विशेष स्थान रखते हैं। हर शुभ कार्य की शुरुआत में उनकी पूजा की जाती है। माना जाता है कि गणेश जी के आशीर्वाद से सभी बाधाएं दूर होती हैं और कार्य सफल होते हैं। गणेश जी की उत्पत्ति और कथा पौराणिक कथाओं के अनुसार, गणेश जी का जन्म माता पार्वती के शरीर के उबटन से हुआ था। जब माता पार्वती स्नान कर रही थीं, तो उन्होंने गणेश जी को दरवाजे की रक्षा के लिए खड़ा किया। भगवान शिव जब अंदर जाने लगे तो गणेश जी ने उन्हें रोक दिया। इस पर शिवजी ने क्रोधित होकर उनका मस्तक काट दिया। माता पार्वती के विलाप पर, भगवान शिव ने गणेश जी को हाथी का सिर लगाकर पुनर्जीवित किया और उन्हें देवताओं में सर्वोच्च स्थान प्रदान किया। गणेश जी के प्रतीक और उनका महत्व  • हाथी का सिर: ज्ञान, धैर्य और शक्ति का प्रतीक है।  • छोटी आंखें: ध्यान और एकाग्रता का प्रतीक हैं।  • बड़ा पेट: धैर्य और सहनशीलता का संकेत देता है। मोदक: आनंद और मीठे फल का प्रतीक है जो कठ...

श्याम तेरी बंसी पुकारे राधा नाम – राधा-कृष्ण भजन का महत्व और भाव Shyam, your flute calls Radha by the name – the importance and meaning of Radha-Krishna bhajan

 श्याम तेरी बंसी पुकारे राधा नाम – राधा-कृष्ण भजन का महत्व और भाव राधा-कृष्ण का दिव्य प्रेम भारतीय संस्कृति और भक्ति परंपरा का अभिन्न हिस्सा है। उनके प्रेम और लीलाओं को याद करते हुए गाए जाने वाले भजनों में एक अलग ही मिठास और गहराई होती है। ऐसा ही एक भजन है "श्याम तेरी बंसी पुकारे राधा नाम," जो कृष्ण की बंसी की मधुर ध्वनि और राधा के प्रति उनके अनन्य प्रेम का वर्णन करता है। यह भजन न केवल भक्तों के हृदय को छूता है, बल्कि उन्हें भक्ति और प्रेम के मार्ग पर अग्रसर करता है। भजन के बोल और उनकी गहराई > श्याम तेरी बंसी पुकारे राधा नाम, श्याम तेरी बंसी पुकारे राधा नाम। बोलो राधे-राधे, राधे-राधे, श्याम तेरी बंसी पुकारे राधा नाम। भजन की शुरुआत में कृष्ण की बंसी का जिक्र किया गया है। यह बंसी केवल एक वाद्य यंत्र नहीं है, बल्कि यह प्रेम, भक्ति और आह्वान का प्रतीक है। जब यह बंसी बजती है, तो ऐसा महसूस होता है मानो राधा और गोपियां कृष्ण के सानिध्य में खिंची चली आ रही हैं। यह मुखड़ा हमें राधा-कृष्ण के दिव्य संबंध की मधुरता का अनुभव कराता है। > रंग गई मैं तो श्याम तेरे रंग में, सज गई प्रीत ...

भक्ति और विश्वास की प्रेरणादायक कहानी दो बहनों की कहानी

 भक्ति और विश्वास की प्रेरणादायक कहानी दो बहनों की कहानी एक छोटे से गाँव में दो बहनें रहती थीं - राधा और रजनी। राधा बड़ी बहन थी, जिसकी शादी एक साधारण और गरीब किसान परिवार में हुई थी। दूसरी ओर, रजनी की शादी एक बड़े व्यापारी परिवार में हुई थी, जहाँ हर प्रकार की सुख-सुविधा थी। राधा का जीवन कठिनाईयों से भरा था। खेतों में काम करना, घर के सारे काम संभालना और बच्चों की देखभाल करना उसकी दिनचर्या थी। लेकिन उसमें एक विशेष बात थी - उसका भगवान के प्रति अडिग विश्वास। वह हर सुबह उठकर भगवान की पूजा करती और अपने परिवार की भलाई के लिए प्रार्थना करती। दूसरी तरफ, रजनी अपनी अमीरी और सुख-सुविधा में इतनी व्यस्त थी कि उसने भगवान को याद करना लगभग छोड़ दिया था। उसके पास समय ही नहीं था। उसे लगता था कि पैसे से सब कुछ हासिल किया जा सकता है। समय का खेल एक बार गाँव में एक बड़ा संकट आया। मूसलाधार बारिश के कारण फसलें खराब हो गईं। गरीब किसानों के लिए यह जीवन-मरण का सवाल बन गया। राधा के परिवार के पास खाने के लिए कुछ नहीं बचा। लेकिन राधा ने अपने विश्वास को नहीं छोड़ा। वह हर रोज भगवान से प्रार्थना करती रही। उधर, रजनी...

श्याम तेरी बंसी पुकारे राधा नाम, कृष्ण की बांसुरी और राधा का नाम: अद्भुत संबंध

 श्याम तेरी बंसी पुकारे राधा नाम "श्याम तेरी बंसी पुकारे राधा नाम" एक ऐसा भजन है, जो राधा-कृष्ण के प्रेम और भक्ति के गहरे संबंध को उजागर करता है। भगवान कृष्ण की बांसुरी की मधुर ध्वनि और राधा नाम के साथ यह भजन भक्तों को आध्यात्मिक आनंद का अनुभव कराता है। इस भजन के माध्यम से प्रेम, भक्ति और समर्पण की अद्वितीय भावना को महसूस किया जा सकता है। कृष्ण की बांसुरी और राधा का नाम: अद्भुत संबंध कृष्ण की बांसुरी का संगीत सदियों से भक्ति का प्रतीक रहा है। यह संगीत न केवल गोपियों को बल्कि समस्त ब्रह्मांड को आकर्षित करता है। उनकी बांसुरी से निकली ध्वनि भक्तों को राधा-कृष्ण के दिव्य प्रेम की याद दिलाती है। 1. राधा नाम का महत्व: राधा, जो कृष्ण की आत्मा हैं, उनके नाम का उच्चारण भक्तों को भगवान से जोड़ता है। 2. भक्ति का प्रतीक: बांसुरी और राधा का नाम भक्ति और प्रेम का अद्वितीय संगम है। 3. अद्वितीय प्रेम: बांसुरी की हर तान में राधा का नाम गुंथा हुआ प्रतीत होता है, जो उनके प्रेम की गहराई को दर्शाता है। भजन का अर्थ और संदेश इस भजन के बोल बताते हैं कि जब भगवान कृष्ण अपनी बांसुरी बजाते हैं, तो उसमें...

देवी महालक्ष्मी का महात्म्य और आराधना, कोल्हापुर का श्री अंबाबाई महालक्ष्मी मंदिर,श्री महालक्ष्मी: त्रिदेवियों में से एक

 Radha Geet Blog: देवी महालक्ष्मी का महात्म्य और आराधना  श्री महालक्ष्मी: त्रिदेवियों में से एक देवी महालक्ष्मी, त्रिदेवियों में से एक, धन, वैभव, और समृद्धि की अधिष्ठात्री देवी हैं। वे माता पार्वती (शक्ति) और माता सरस्वती (विद्या) के साथ मिलकर संसार को शक्ति, ज्ञान, और धन प्रदान करती हैं। देवी महालक्ष्मी की पूजा से न केवल आर्थिक समृद्धि मिलती है, बल्कि जीवन में सुख-शांति और सौभाग्य भी आता है। कोल्हापुर का श्री अंबाबाई महालक्ष्मी मंदिर महाराष्ट्र के कोल्हापुर में स्थित श्री अंबाबाई शक्तिपीठ महालक्ष्मी देवी को समर्पित है। यह मंदिर अद्भुत और दिव्य ऊर्जा से परिपूर्ण है। मान्यता है कि देवी महालक्ष्मी आज भी यहां अपने संपूर्ण स्वरूप में विराजमान हैं और भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण करती हैं। यह मंदिर देवी की चमत्कारी कृपा का केंद्र है और लाखों भक्त यहां हर साल दर्शन करने आते हैं। महालक्ष्मी की पूजा का महत्व देवी महालक्ष्मी की आराधना करने से: आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं। घर में सुख-समृद्धि और शांति का वास होता है। व्यक्ति का भाग्य जाग्रत होता है। धन, वैभव और ऐश्वर्य में वृद्धि होती ह...

सोमवार के दिन भगवान शिव की पूजा के लाभ और महत्व | Benefits and importance of worshiping Lord Shiva on Monday

ब्लॉग पोस्ट: विषय - सोमवार के दिन भगवान शिव की पूजा के लाभ और महत् प्रस्तावना सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित होता है। शिवजी को "देवों के देव" महादेव के नाम से जाना जाता है। उनकी पूजा में भक्तों को अपार शांति, सुख, और समृद्धि का अनुभव होता है। यह दिन शिव भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है क्योंकि यह उनके कष्टों को दूर करने और जीवन में नई ऊर्जा भरने का समय होता है। इस ब्लॉग में हम जानेंगे कि सोमवार को शिवजी की पूजा का महत्व क्या है, पूजा की विधि, और इसके लाभ। _________________________________________________ सोमवार को भगवान शिव की पूजा का महत्व भगवान शिव को सृष्टि के संहारक और पालनकर्ता के रूप में पूजा जाता है। वे भोलेनाथ हैं, जो अपने भक्तों की छोटी-छोटी भक्ति से भी प्रसन्न हो जाते हैं। सोमवार को शिव पूजा का महत्व इस प्रकार है: 1. मानसिक शांति: भगवान शिव ध्यान और समाधि के प्रतीक हैं। उनकी पूजा से मन शांत होता है और मानसिक तनाव दूर होता है। 2. सुख और समृद्धि: शिव पूजा से घर में सुख-समृद्धि आती है। भगवान शिव परिवार की सुरक्षा और धन-धान्य का आशीर्वाद प्रदान करते हैं। 3. विवाह म...

राधा-कृष्ण की महिमा: भक्ति और प्रेम का प्रतीक | लोकप्रिय भजन और उनके महत्व | भजनों का जीवन में प्रभाव

 राधा-कृष्ण की महिमा: भक्ति और प्रेम का प्रतीक राधा-कृष्ण का संबंध प्रेम, भक्ति, और दिव्यता का आदर्श उदाहरण है। उनकी लीलाएं और प्रेम गाथाएं हर भक्त के दिल में विशेष स्थान रखती हैं। राधा-कृष्ण के नाम का स्मरण मात्र से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। उनके भजनों में निहित माधुर्य और भक्ति हमारे मन को शांत और आत्मा को आनंदित करते हैं। राधा-कृष्ण की भक्ति का महत्व राधा और कृष्ण के प्रेम को केवल सांसारिक प्रेम नहीं कहा जा सकता। यह आत्मा और परमात्मा के मिलन का प्रतीक है। उनके रिश्ते में समर्पण, त्याग, और अनंत प्रेम झलकता है। भक्तों के लिए राधा-कृष्ण के भजनों का महत्व इसलिए भी अधिक है क्योंकि: 1. मन की शुद्धि: राधा-कृष्ण के भजन मन को शांति और आत्मा को पवित्रता प्रदान करते हैं। 2. भगवान से निकटता: उनके नाम का गायन भक्तों को भगवान के करीब लाता है। 3. सकारात्मकता: "राधे-राधे" का जाप जीवन में नई ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार करता है। लोकप्रिय भजन और उनके महत्व राधा-कृष्ण के भजनों में उनकी लीलाओं और प्रेम की अद्भुत झलक मिलती है। आइए, कुछ लोकप्रिय भजनों पर नजर डालते हैं: 1. ...

तुला राशि वालों को धनवान कैसे बनाएं तुला राशि का आज का भविष्यफल देखे

 तुला राशि का आज का भविष्यफल How to make Libra a money person तुला राशि वालों को धनवान कैसे बनाएं? सामान्य भविष्यफल आज तुला राशि वालों के लिए दिन मिश्रित परिणामों वाला रहेगा। आप अपने कार्यक्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छूने का प्रयास करेंगे, लेकिन धैर्य और सावधानी रखना बेहद जरूरी होगा। पारिवारिक जीवन में थोड़ी असहमति हो सकती है, परंतु आप अपने व्यवहार से स्थिति संभाल लेंगे। कार्य और व्यवसाय कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा, लेकिन महत्वपूर्ण निर्णय लेते समय अनुभवी लोगों की सलाह अवश्य लें। यदि आप व्यवसाय करते हैं, तो नए प्रोजेक्ट्स पर काम करने से पहले उनकी पूरी योजना बना लें। आर्थिक स्थिति आर्थिक मामलों में लाभ के योग बन रहे हैं। कुछ अटके हुए धन की प्राप्ति हो सकती है। फिजूलखर्ची से बचें और निवेश सोच-समझकर करें। स्वास्थ्य स्वास्थ्य में हल्की समस्याएं हो सकती हैं, जैसे थकान या सिरदर्द। अपने खान-पान और दिनचर्या पर विशेष ध्यान दें। योग और ध्यान से आपको मानसिक शांति मिलेगी। प्रेम और रिश्ते पार्टनर के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा। अगर आप शादीशुदा हैं, तो जीवनसाथी से कोई अच्छा...

घर की दक्षिण दिशा में रखें ये 3 चीजें, चमक जाएगा आपका भाग्य

 घर की दक्षिण दिशा में रखें ये 3 चीजें, चमक जाएगा आपका भाग्य लेखक: राधा गीत परिचय वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर की प्रत्येक दिशा का अपना विशेष महत्व होता है। इन दिशाओं में सही वस्तुएं रखने से न केवल घर का वातावरण सकारात्मक बनता है, बल्कि आपके भाग्य को भी चमकाया जा सकता है। दक्षिण दिशा को अक्सर थोड़ा नजरअंदाज किया जाता है, लेकिन यह दिशा भी जीवन में सुख-समृद्धि और सफलता लाने की क्षमता रखती है। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि घर की दक्षिण दिशा में कौन-सी तीन चीजें रखनी चाहिए, जो आपके जीवन में खुशहाली और भाग्य का संचार करेंगी। 1. तांबे का कलश (Pital Ka Kalash) तांबे का कलश दक्षिण दिशा में रखना वास्तु शास्त्र में शुभ माना गया है। तांबा ऊर्जा का प्रवाह संतुलित करता है और नकारात्मक ऊर्जा को समाप्त करता है। कैसे रखें: तांबे के कलश को गंगाजल से भरकर उसमें कुछ तुलसी के पत्ते डालें। इसे साफ और पवित्र स्थान पर रखें। नियमित रूप से कलश की पूजा करें और उसमें जल बदलते रहें। लाभ: इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। परिवार के सदस्यों में आपसी संबंध मजबूत होते हैं। आर्थिक समृद्धि का मार्ग प्रश...

श्री कृष्ण वासुदेवाय हरि मंत्र: एक दिव्य साधना का अद्भुत प्रभाव | श्री कृष्ण वासुदेवाय: भगवान कृष्ण, जो वासुदेव के पुत्र हैं।

 श्री कृष्ण वासुदेवाय हरि मंत्र: एक दिव्य साधना का अद्भुत प्रभाव | कम से कम 40 दिनों तक इसे नित्य करें.  परिचय: "श्री कृष्ण वासुदेवाय हरि परमात्मनः कलेश नाशाय गोविंदाय नमो नमः" यह मंत्र भगवान श्रीकृष्ण की कृपा पाने का दिव्य साधन है। यह न केवल भक्ति को प्रगाढ़ करता है, बल्कि जीवन के सभी प्रकार के कष्टों और समस्याओं को समाप्त करने में सहायक है। श्रीकृष्ण, जिन्हें गोविंद, वासुदेव, और हरि जैसे नामों से जाना जाता है, अपने भक्तों को सुख-शांति और धन-धान्य से परिपूर्ण करते हैं। इस ब्लॉग में हम जानेंगे इस मंत्र का महत्व, जाप की विधि, और इसके अद्भुत लाभ। ------------------------------------------------------------------------ मंत्र का अर्थ और महत्व: श्रीकृष्ण मंत्र का अर्थ अत्यंत गहरा और पवित्र है। इसे तोड़कर समझा जाए तो: 1. श्री कृष्ण वासुदेवाय: भगवान कृष्ण, जो वासुदेव के पुत्र हैं। 2. हरि परमात्मनः: भगवान हरि, जो परमात्मा हैं और समस्त जगत के पालनकर्ता हैं। 3. कलेश नाशाय: जो सभी कष्टों और दुखों का नाश करते हैं। 4. गोविंदाय नमो नमः: भगवान गोविंद, जो गोपियों और समस्त जीवों के रक्षक हैं,...

श्रीकृष्ण का अद्भुत मंत्र: जो भक्ति, धन, और सुख-समृद्धि प्रदान करता है

 श्रीकृष्ण का अद्भुत मंत्र: जो भक्ति, धन, और सुख-समृद्धि प्रदान करता है भगवान श्रीकृष्ण को प्रसन्न करने के लिए निम्नलिखित मंत्र का जाप अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है। यह मंत्र न केवल भक्ति को गहन करता है, बल्कि जीवन में धन, सुख, और शांति भी लाता है। मंत्र: >     ॐ क्लीं कृष्णाय गोविंदाय गोपीजनवल्लभाय स्वाहा। मंत्र के लाभ: 1. भक्ति में वृद्धि: इस मंत्र का जाप करने से श्रीकृष्ण की कृपा से भक्ति गहरी होती है। 2. धन प्राप्ति: यह मंत्र आर्थिक समस्याओं को दूर करता है और धन का प्रवाह बढ़ाता है। 3. सुख-शांति: मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होता है। 4. रिश्तों में मधुरता: यह मंत्र संबंधों को मधुर बनाता है। 5. आध्यात्मिक उन्नति: आत्मिक शुद्धता और मोक्ष के मार्ग को प्रशस्त करता है। जाप की विधि: 1. सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें। 2. एक शांत स्थान पर श्रीकृष्ण की मूर्ति या तस्वीर के सामने दीप जलाएं। 3. तुलसी की माला से इस मंत्र का 108 बार (1 माला) जाप करें। 4. श्रीकृष्ण को मक्खन और मिश्री का भोग लगाएं। 5. नियमित जाप से शीघ्र फल प्राप्त होगा। विशेष: इस मंत्र ...

वृंदावन के दिव्य मंदिर और उनके अनसुने रहस्य: जो 98% लोग नहीं जानते | The divine temples of Vrindavan and their untold secrets: which 98% people do not know

 वृंदावन के दिव्य मंदिर और उनके अनसुने रहस्य: जो 98% लोग नहीं जानते | The divine temples of Vrindavan and their untold secrets: which 98% people do not know परिचय: वृंदावन, भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं की भूमि, विश्वभर के भक्तों के लिए एक अद्वितीय तीर्थस्थल है। यहां के मंदिर अपनी भव्यता, दिव्यता और अनोखी कहानियों के लिए प्रसिद्ध हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि वृंदावन के कुछ मंदिरों से जुड़े ऐसे रहस्य भी हैं, जिनसे अधिकांश लोग अनजान हैं? आइए जानते हैं वृंदावन के प्रमुख दिव्य मंदिर और उनके छिपे रहस्यों के बारे में। 1. गोविंद देव जी का मंदिर: इतिहास और रहस्य: गोविंद देव जी का मंदिर 1590 में राजा मान सिंह ने बनवाया था। कहा जाता है कि यह मंदिर एक ही रात में बना था। यह मंदिर वास्तुकला का अद्भुत उदाहरण है, लेकिन इसका मूल स्वरूप और भी विशाल और भव्य था। औरंगजेब के आक्रमण के दौरान इसका ऊपरी भाग ध्वस्त कर दिया गया था। अनसुना रहस्य: मंदिर की स्थापना के समय भगवान श्रीकृष्ण स्वयं प्रकट हुए थे और मूर्ति में अपनी दिव्य ऊर्जा का संचार किया था। मंदिर के नीचे एक सुरंग भी है, जो इसे गुप्त खजाने और अन्य ...

HARE RAMA HARE RAMA VIRAL VIDEO BHAJAN, हरे राम हरे कृष्ण महामंत्र: भक्ति और शांति का संदेश

 हरे राम हरे कृष्ण महामंत्र: भक्ति और शांति का संदेश hare Rama hare Rama hare Krishna hare Krishna,  Click here  VIDEO  परिचय: "हरे राम हरे कृष्ण" मंत्र सिर्फ शब्दों का मेल नहीं है, यह ईश्वर की अनंत कृपा का स्त्रोत है। इस महामंत्र को संकीर्तन या जप के रूप में गाने से हमारे मन और आत्मा में शांति आती है। यह मंत्र भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण की महिमा का वर्णन करता है और हमें उनके चरणों में समर्पण की प्रेरणा देता है। Click here  हरे राम हरे रामा, रामा राम हरे हरे: हरे कृष्ण हरे कृष्णा, कृष्णा कृष्णा हरे हरे: हरे राम हरे रामा, रामा राम हरे हरे: हरे कृष्ण हरे कृष्णा, कृष्णा कृष्णा हरे हरे: हरे राम हरे रामा, रामा राम हरे हरे: हरे कृष्ण हरे कृष्णा, कृष्णा कृष्णा हरे हरे: हरे राम हरे रामा, रामा राम हरे हरे: HARE RAMA HARE RAMA VIRAL VIDEO Click Here.   हरे कृष्ण हरे कृष्णा, कृष्णा कृष्णा हरे हरे: हरे राम हरे रामा, रामा राम हरे हरे: हरे कृष्ण हरे कृष्णा, कृष्णा कृष्णा हरे हरे: हरे राम हरे रामा, रामा राम हरे हरे: हरे कृष्ण हरे कृष्णा, कृष्णा कृष्णा हरे हरे: हरे राम हरे...

भगवान विष्णु और भक्त अम्बरीष की कथा भक्त की भक्ति का चमत्कार (The story of Lord Vishnu and devotee Ambrish - the miracle of the devotee's devotion)

 भगवान विष्णु और भक्त अम्बरीष की कथा भक्त की भक्ति का चमत्कार बहुत समय पहले की बात है। अयोध्या नगरी में अम्बरीष नाम के एक राजा राज करते थे। राजा अम्बरीष बड़े ही धर्मपरायण और भगवान विष्णु के अनन्य भक्त थे। वे हर दिन अपनी प्रजा के लिए न्याय करते, और उसके बाद भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना में लीन हो जाते। उनकी भक्ति इतनी गहरी थी कि वह हर एक कार्य भगवान विष्णु को समर्पित करके ही करते थे। राजा अम्बरीष ने एक दिन अपनी भक्ति के फलस्वरूप एकादशी व्रत रखने का निश्चय किया। उन्होंने पूरे विधि-विधान से व्रत रखा और द्वादशी (व्रत के अगले दिन) पर भगवान विष्णु के चरणों में अर्पण करने के लिए भोग तैयार किया। महर्षि दुर्वासा का आगमन जब राजा अम्बरीष अपने व्रत का पारण करने वाले थे, तभी महर्षि दुर्वासा उनके राजमहल में आए। राजा ने महर्षि का आदरपूर्वक स्वागत किया और कहा, "हे ऋषिवर, कृपया भोजन ग्रहण कर इस व्रत को पूर्ण करें।" दुर्वासा ऋषि ने कहा, "मैं पहले स्नान करूंगा, फिर भोजन करूंगा।" यह कहकर वे स्नान के लिए चले गए। धर्म संकट महर्षि के लौटने में बहुत समय लगने लगा, और द्वादशी का समय समाप्त हो...

सहनशक्ति का महत्त्व: टूटने वाले खुद टूट जाते हैं Importance of endurance: Those who break down, break themselves

 सहनशक्ति का महत्त्व: टूटने वाले खुद टूट जाते हैं (Importance of endurance: Those who break down, break themselves) जीवन में हर व्यक्ति किसी न किसी चुनौती से गुजरता है। ऐसे समय में, हमारी सहनशक्ति (धैर्य) ही हमें मजबूत बनाए रखती है। सहनशक्ति न केवल कठिन परिस्थितियों का सामना करने की ताकत देती है, बल्कि हमें मानसिक रूप से और भी अधिक सशक्त बनाती है। क्या है सहनशक्ति का असली अर्थ? सहनशक्ति का अर्थ है कठिनाई के बावजूद अपने मनोबल को बनाए रखना। यह वह आंतरिक शक्ति है जो हमें अपने लक्ष्य की ओर बिना रुके बढ़ने में मदद करती है। चाहे सामने कितनी ही बड़ी बाधा क्यों न हो, सहनशक्ति से हम उन्हें पार कर सकते हैं। संदेश का महत्व जैसा कि इस प्रेरणादायक संदेश में लिखा गया है: "सहनशक्ति इतनी रखो कि तुम्हें तोड़ने वाले एक दिन खुद ही टूट जाएं तुम्हें तोड़ते-तोड़ते।" यह हमें सिखाता है कि विपरीत परिस्थितियां और हमें गिराने वाले लोग हमेशा हमारे धैर्य की परीक्षा लेंगे। लेकिन जब हम अपने धैर्य और सहनशक्ति के साथ डटे रहते हैं, तो न केवल हम खुद को बचा पाते हैं, बल्कि समय के साथ बाधाएं भी कमजोर हो जाती हैं...

गणेश जी और चंद्रदेव की कथा |चंद्रदेव का उपहास और गणेश जी का क्रोध , Story of Ganeshji and Chandradev | Mockery of Chandradev and anger of Ganeshji

 Home 🏡 Radha Geet blog. गणेश जी और चंद्रदेव की कथा |चंद्रदेव का उपहास और गणेश जी का क्रोध  Click here Radha Geet blog  Radha Geet YouTube channel video dekhe:  click to link  यह कथा उन दिनों की है जब गणेश जी को मोदक (लड्डू) बहुत प्रिय थे। एक बार गणेश चतुर्थी के दिन, भगवान गणेश को उनके भक्तों ने ढेर सारे मोदक का भोग लगाया। गणेश जी ने प्रेमपूर्वक सारे मोदक खा लिए, और उनका पेट बहुत बड़ा हो गया। उन्होंने सोचा कि अब उन्हें थोड़ा टहलना चाहिए ताकि पाचन ठीक रहे। गणेश जी अपने मूषक (चूहे) पर सवार होकर वन में भ्रमण करने लगे। लेकिन उनके भारी शरीर के कारण मूषक थोड़ा लड़खड़ाने लगा। तभी अचानक मूषक ने एक सांप को देखा और डरकर भागने की कोशिश में गणेश जी को गिरा दिया। गणेश जी धूल में गिर गए, और उनके पेट के सारे मोदक चारों ओर बिखर गए। चंद्रदेव का उपहास Radha Geet blog  यह सब आकाश से चंद्रदेव देख रहे थे। जैसे ही उन्होंने गणेश जी को गिरते हुए और मोदकों के साथ संघर्ष करते देखा, वे जोर-जोर से हंसने लगे। चंद्रदेव का उपहास सुनकर गणेश जी बहुत क्रोधित हो गए। गणेश जी ने चंद्रदेव को घ...

पार्वती नंदन की जय: श्री गणेश की महिमा || गणेश जी के प्रसिद्ध मंत्र और उनके अर्थ || गणेश जी का स्वरूप और प्रतीकात्मकता || गणेश जी से जुड़ी एक पौराणिक कथा

 पार्वती नंदन की जय: श्री गणेश की महिमा गणेश जी को हिंदू धर्म में प्रथम पूज्य देवता के रूप में जाना जाता है। किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत उनके आह्वान के बिना अधूरी मानी जाती है। गणेश जी को विघ्नहर्ता, शुभकर्ता, और मंगलमूर्ति कहा जाता है। उनके आशीर्वाद से हर कार्य निर्विघ्न रूप से पूर्ण होता है। वे भगवान शिव और माता पार्वती के प्रिय पुत्र हैं और अपने भक्तों की हर इच्छा को पूर्ण करते हैं। गणेश जी के प्रसिद्ध मंत्र और उनके अर्थ 1. "ॐ गं गणपतये नमो नमः": यह मंत्र सबसे प्रसिद्ध है और गणेश जी को समर्पित है। 'गं' बीज मंत्र है, जो गणेश जी के दिव्य स्वरूप का प्रतिनिधित्व करता है। इस मंत्र का जप करने से मन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और विघ्नों का नाश होता है। 2. "श्री सिद्धि विनायक नमो नमः": गणेश जी को सिद्धि और विनायक के रूप में पूजा जाता है। 'सिद्धि' का अर्थ है सफलता और 'विनायक' का अर्थ है मार्गदर्शक। इस मंत्र का जाप करने से व्यक्ति को जीवन में सफलता और सही दिशा प्राप्त होती है। 3. "अष्टविनायक नमो नमः": अष्टविनायक महाराष्ट्र के आठ...